Date/02/03/2026
देहरादून। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून द्वारा पर्यावरणीय क्षमता निर्माण कार्यशाला कराने की अहम पहल की शुरुआत की गई है। यह मॉडल अप्रैल माह में देहरादून में कराया जाएगा जिसमें उद्योगों, शिक्षा, नीति निर्माताओं को एक साझा मंच पर साथ लाया जाएगा ताकि पर्यावरण से जुड़ी पूरी क्षमता विकसित की जा सके और पर्यावरण के सही प्रबंधन को औद्योगिक विकास से जोड़ा जा सके।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट काशीपुर में पायलट प्रयास के अंतर्गत पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए नियमों के पालन को लेकर क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसे उत्तराखंड के बड़े इंडस्ट्रियल स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर कराया गया। इस ’कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यशाला’ का उद्देश्य – उद्योग, शिक्षा जगत, सलाहकारों और नीति निर्माताओं को एक ही साझा मंच पर साथ लाना है, ताकि पर्यावरण के सही प्रबंधन को औद्योगिक विकास से जोड़ा जा सके।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के अपर निदेशक डॉ. आशीष कुमार ने कहा- पर्यावरण से जुड़ी सभी क्षमताओं को मिलाकर विकसित करना (एकीकृत पर्यावरणीय क्षमता निर्माण कार्यशाला) का यह मॉडल मार्च माह में देहरादून में बड़े स्तर पर कराया जाएगा और आगे पूरे देशभर में कराने की योजना है। उन्होंने इस कार्यशाला को सफल बनाने हेतु समस्त उद्योग जगत के सहयोगियों से अपील की है।