कठोर कार्रवाई की चेतावनी, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दर्ज होगा मुकदमा

Date/1403/2026

रुद्रप्रयाग। जनपद के विभिन्न वन क्षेत्रों में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कड़े रुख अख्तियार किए हैं। जिलाधिकारी ने जनपद की सभी नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा-कचरा, अपशिष्ट पदार्थ तथा कृषि भूमि में पराली (अवशेष) जलाने पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र को लगातार मिल रही वनाग्नि की सूचनाओं के बाद यह निर्णय लिया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कृषि भूमि की सफाई के दौरान सूखी घास और झाड़ियों को जलाने, सड़कों के किनारे जलती हुई बीड़ी-सिगरेट फेंकने और कूड़ा जलाने जैसी मानवीय लापरवाहियों के कारण आग जंगलों तक फैल रही है। इससे न केवल बेशकीमती वन संपदा और वन्य जीवों को नुकसान हो रहा है, बल्कि पशुचारे और पर्यावरण के साथ-साथ जन-धन की हानि की भी प्रबल आशंका बनी हुई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था या विभाग खुले में आग लगाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 एवं अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने जनपदवासियों से वनाग्नि रोकने में प्रशासन का सहयोग करने और कहीं भी आग लगने की घटना दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग या आपदा केंद्र को सूचित करने की अपील की।

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