Date/26/03/2026
टिहरी। भिलंगना ब्लॉक के ग्राम पंचायत डांगसेरा के काश्तकारों को कृषि वैज्ञानिकों ने वर्मी कंपोस्ट एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिक एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार पौड़ी के कृषि वैज्ञानिक डॉ़ पंकज कुमार वैद्य, डॉ़ सुमित चौधरी, डॉ़ विकास सेंगर ने कहा कि किसान वर्मी कंपोस्ट से फसलों की अधिक पैदावार बढ़ाई जा सकती है। इस पर लागत भी कम आती है। यह पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सबसे उपयोगी तकनीक है। वर्मी कंपोस्ट से किसान अपनी खेती को अधिक टिकाव और लाभप्रद बना सकते हैं। जैविक खेती से फसलों की गुणवत्ता में सुधार होता है।
ग्राम प्रधान शैला तलवान ने वैज्ञानिकों की समक्ष मिट्टी की गुणवता और उत्पादन बेचने के लिए बाजार की समस्या को रखा। तीनों वैज्ञानिकों ने काश्तकारों से कृषि संबंधित संसाधनों की जानकारी भी ली। वैज्ञानिकों ने किसानों से कृषि संबंधी शिविरों में जरूर प्रतिभाग करने को कहा। ग्राम प्रधान शैला ने वैज्ञानिकों से समय-समय काश्तकारों को नई तकनीकी के प्रशिक्षण देने को कहा। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान प्यार दास, पार्वती देवी, सोहनलाल शाह, शेर सिंह, सत्य प्रकाश डंगवाल, इंदर सिंह, विक्रम पलवान, सत्यनारायण शाह, राकेश पलवान आदि मौजूद थे।