श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

Date/03/04/2026

देहरादून। सुभाष नगर स्थित सेठ पन्नालाल ग्राउंड (निकट आर्य इंटर कॉलेज) में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ अत्यंत भव्य, दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। आयोजन के प्रथम दिवस पर ही श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के अद्भुत संगम में डूबा नजर आया। कथा के शुभारंभ अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पवन नंदन जी महाराज ने अपने मधुर, ओजस्वी एवं प्रभावशाली प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि भागवत का श्रवण मात्र ही नहीं, बल्कि उसका चिंतन और आत्मसात करना भी आवश्यक है, जिससे व्यक्ति के भीतर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का विकास होता है।

आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि वर्तमान कलियुग में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए मानसिक तनाव, अशांति और असंतोष से ग्रसित होता जा रहा है। ऐसे समय में श्रीमद्भागवत कथा जीवन में प्रकाश स्तंभ का कार्य करती है, जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म, करुणा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि यही जीवन को सार्थक बनाने का एकमात्र उपाय है। कथा स्थल पर दिनभर भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ कथा श्रवण में लीन दिखाई दिए। जैसे ही आचार्य श्री के श्रीमुख से “हरि नाम” का उच्चारण हुआ, पूरा पंडाल “हरि बोल” और “राधे-राधे” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। आयोजन स्थल को विशेष रूप से आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगे पुष्पों, धार्मिक ध्वजों एवं पारंपरिक प्रतीकों से सुसज्जित किया गया था। भव्य मंच व्यवस्था, सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था एवं ध्वनि प्रणाली ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। रात्रि में प्रकाश व्यवस्था ने पूरे परिसर को दिव्यता का आभास कराया, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव की अनुभूति हुई।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, भक्तों की कथाएं एवं धर्म, भक्ति और जीवन दर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने का आह्वान किया है।

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