Date/20/04/2026
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जन दर्शन/जनता दरबार का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, फीस माफी, आर्थिक सहायता, बिजली-पानी बिल माफी, राशन कार्ड, मुआवजा से संबंधित कुल 239 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। इसमें सबसे अधिक स्कूल फीस माफी को लेकर सामने आई। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बुजुर्ग नीलम ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पति की मृत्यु वर्ष 2020 में हो गई है तभी से उनकी आर्थिक स्थिति खराब है तथा मंदिर व भंडारों में भोजन कर अपना गुजर बसर कर रही है, उनका पानी का बिल रू0 18335 आया है जिसने माफ करने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को निर्देश दिए कि रू0 5579 धनराशि सेटलमेंट करते हुए शेष धन राशि 12776 का भुगतान जिला प्रशासन द्वारा जल संस्थान को कर दिया जाएगा।
समाज कल्याण से संबंधित मामलों में देहरादून निवासी गंगा राम को पुत्री विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश समाज कल्याण अधिकारी को दिए गए। मालदेवता निवासी संध्या रमोला के पति के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने के लिए प्रकरण अग्रसारित करने को कहा गया। अजबपुर कलाम निवासी जरीना बानो के प्रकरण में, जिन्हें उनके पुत्र द्वारा घर से बेदखल कर दिया गया है, जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर करने के निर्देश दिए। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं एवं विधवाओं के प्रकरणों में जिलाधिकारी ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टर्नर रोड निवासी विधवा हसीना, प्रेम नगर निवासी कविता एवं रजनी कश्यप, राजपुर निवासी पायल गोयल तथा चंदरनगर निवासी नसीन द्वारा पुत्रियों की स्कूल फीस माफी की मांग पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) को आवश्यक पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।