आपदा मद और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल सहायता देने की मांग

Date/12/06/2026

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी बीच रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के खलियान बांगर गांव से मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। हाल ही में हुई भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान ने एक निर्धन विधवा महिला के सिर से उसकी एकमात्र छत भी छीन ली। कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी छत भरभराकर गिर गई।

इस त्रासदी को और भी मार्मिक बनाती है परिवार की स्थिति। महिला के बच्चे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे हैं, जिनकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अकेले मां पर है। अब प्राकृतिक आपदा के इस कहर के बाद परिवार के सामने सिर छिपाने तक का संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर यह परिवार अपने दम पर घर का पुनर्निर्माण कराने में पूरी तरह असमर्थ है।

घटना की जानकारी मिलते ही रुद्रप्रयाग विधानसभा से पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी प्रभावित परिवार से मिलने खलियान बांगर पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया तथा पीड़ित महिला और उसके बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। परिवार की दयनीय स्थिति देखकर मोहित डिमरी भावुक हो उठे। उन्होंने पीड़ित महिला को भरोसा दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और हर संभव सहायता दिलाने के लिए वे प्रशासन एवं शासन स्तर पर प्रयास करेंगे।

मोहित डिमरी ने मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए प्रभावित परिवार को आपदा राहत कोष (आपदा मद) से शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ ऐसे ही जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचना चाहिए। इसलिए इस विधवा महिला को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर पक्का आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा, ष्यह अत्यंत पीड़ादायक स्थिति है। महिला पहले से ही विधवा है, उसके बच्चे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और अब प्राकृतिक आपदा ने उनके सिर से छत भी छीन ली है। ऐसे परिवारों की सहायता करना सरकार और समाज दोनों का प्रथम दायित्व है। हमने प्रशासन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। यदि इस जरूरतमंद परिवार को आपदा मद से तत्काल राहत और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। इस बेबस मां और उसके बच्चों को सुरक्षित आशियाना दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। प्रभावित परिवार की यह स्थिति न केवल सरकारी तंत्र बल्कि समाज के संवेदनशील लोगों के लिए भी एक बड़ा प्रश्न है कि आखिर ऐसे असहाय परिवारों तक राहत और सहायता कितनी शीघ्र पहुंच पाती है।

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