Date/16/06/2026
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के दौरान शॉर्टकट अपनाने की एक बड़ी भूल चार युवकों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन एसडीआरएफ की तत्परता, साहस और कुशल रेस्क्यू अभियान ने संभावित हादसे को टाल दिया। घने अंधेरे, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और गहरी खाइयों के बीच फंसे चार यात्रियों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। सोमवार देर रात करीब 10ः35 बजे कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से एसडीआरएफ पोस्ट लिनचोली को सूचना मिली कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर चार युवक मुख्य ट्रैक छोड़कर शॉर्टकट के रास्ते निकल गए और रास्ता भटककर नदी के दूसरे किनारे सुनसान क्षेत्र में फंस गए हैं। चारों युवक अंधेरे और जंगल के बीच सहायता के लिए पुकार लगा रहे थे तथा भय और असुरक्षा के माहौल में घंटों से फंसे हुए थे।
सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल भारत सिंह और हेड कांस्टेबल मोहन सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल रवाना हुई। टीम ने सबसे पहले मोबाइल फोन के माध्यम से यात्रियों से संपर्क स्थापित कर उनकी संभावित लोकेशन ट्रेस की और उन्हें हिम्मत बनाए रखने के लिए लगातार मार्गदर्शन दिया।
रात्रि का घना अंधेरा, सघन झाड़ियां, खतरनाक ढलान और दुर्गम पहाड़ी रास्ते रेस्क्यू अभियान में बड़ी चुनौती बने रहे। बावजूद इसके एसडीआरएफ जवानों ने अपने विशेष आपदा प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए कठिन परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने चारों युवकों को सुरक्षित खोज निकाला और उन्हें मुख्य पैदल मार्ग तक पहुंचाया।