14 से 16 अगस्त तक दून लाइब्रेरी में फोटो-फिल्म प्रदर्शनी

Date/13/05/2026

देहरादून। भारत विभाजन की पीड़ा, विस्थापन और उससे जुड़ी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देहरादून में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 14 अगस्त को दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र में विभाजन विभीषिका और उससे जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों पर आधारित तीन दिवसीय विशेष फोटो एवं फिल्म प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा। प्रदर्शनी 14, 15 एवं 16 अगस्त को प्रातः 10 बजे से शाम 7 बजे तक आमजन के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।

प्रदर्शनी के माध्यम से वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान विस्थापन, संघर्ष और पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों की स्मृतियों और इतिहास के उन मार्मिक अध्यायों को सामने लाया जाएगा, जिन्हें याद रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। प्रदर्शनी आमजन को उस दौर की परिस्थितियों को समझने और विभाजन की मानवीय त्रासदी से रूबरू होने का अवसर प्रदान करेगी।

वहीं, 14 अगस्त की शाम 6ः30 बजे जुगमन्दर हॉल, नगर निगम देहरादून में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कवि सम्मेलन के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जाएगा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रमों में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी प्रतिभाग करगें।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन की विभीषिका झेलने वाले लोगों को कार्यक्रम में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए, ताकि उनकी स्मृतियों और अनुभवों को समाज के सामने लाया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि विभाजन की त्रासदी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन से जुड़ी ऐसी पीड़ा है, जिसे स्मरण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नई पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में वाद-विवाद, क्विज, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विभाजन विभीषिका से संबंधित लघु फिल्मों का प्रसारण करने को भी कहा।

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