भाजपा बताए क्या लोकतंत्र में किसी दलित नेता की सभा के बाद भी ‘शुद्धिकरण’ की राजनीति स्वीकार्य है: गोदियाल

Date/01/09/2026

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज कांग्रेस भवन से सचिवालय तक मार्च करते हुए सचिवालय का घेराव किया। यह प्रदर्शन हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विशाल जनसभा के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ के विरोध में किया गया। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी की घटना ने भाजपा की उस मानसिकता को उजागर कर दिया है, जो राजनीतिक विरोध को सामाजिक और जातिगत अपमान में बदलने से भी पीछे नहीं हटती। उन्होंने कहा कि यदि किसी लोकतांत्रिक राजनीतिक सभा के बाद यह कहकर धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है कि स्थान को ‘शुद्ध’ करना है, तो सवाल केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि भारत के संविधान, सामाजिक औसमानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह जानना चाहती है कि आखिर वह कौन-सी मानसिकता है, जो देश के वरिष्ठ दलित नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारा संबोधित सभा के बाद उसी स्थान को ‘अशुद्ध’ बताने का दुस्साहस करती है? क्या भाजपा इस मानसिकता को स्वीकार करती है? यदि नहीं, तो अब तक ऐसे तत्वों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि हल्द्वानी की घटना केवल एक राजनीतिक दल का अपमान नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नेता की सभा के बाद उसके सामाजिक परिचय या जाति के आधार पर स्थान को ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह ऐसी सोच के साथ खड़ी है या संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ। कांग्रेस इस मुद्दे पर सदन से सड़क तक मजबूती से आवाज उठाएगी।

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की राजनीति का असली चेहरा अब जनता के सामने है। जब देश के एक वरिष्ठ दलित नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ जैसा आयोजन किया जाता है, तो यह महज राजनीतिक विरोध नहीं रह जाता, बल्कि सामाजिक अपमान का रूप ले लेता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने हमेशा सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया है, इसलिए ऐसी विभाजनकारी मानसिकता के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से खड़ी रहेगी।

चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों को महत्व दिया है। हल्द्वानी की घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति इतनी असहिष्णु हो गई है कि उनके कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ तक की नौबत आ गई? उन्होंने कहा कि भाजपा को इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि वह ऐसी सोच का समर्थन नहीं करती तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *