राज्य कैबिनेट की बैठक में दो दर्जन प्रस्तावों पर हुई चर्चा

Date/04/10/2026

चंपावत/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एन.एच.पी.सी. बनबसा चम्पावत में राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक आयोजित की गई, बैठक में दो दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मंत्रिमण्डल की बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया। मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण के परीक्षण तथा नोडल कार्यालय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखण्ड के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन तथा इसके लिए 06 पदों की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने, जनपद नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों, कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने तथा जनपद देहरादून के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए विस्तारित किया जाएगा तथा इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार किया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण हेतु हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि अवमुक्त किए जाने को मंजूरी दी। यह धनराशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण एवं अन्य निर्धारित कार्यों पर व्यय की जाएगी। मंत्रिमंडल ने स्टाम्प एवं निबन्धन विभागन्तर्गत संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित लेन-देन में क्रेता-विक्रेता एवं अन्य संबंधित पक्षकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए च्।छ के सत्यापन (च्।छ टमतपपिबंजपवद) की व्यवस्था लागू किए जाने को मंजूरी दी। इससे गलत अथवा फर्जी च्।छ के उपयोग में कमी लाने तथा आयकर विभाग को की जाने वाली रिपोर्टिंग में डेटा की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। संशोधित प्रावधानों के तहत 01 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा ळैक्च् के 3 प्रतिशत तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा ळैक्च् के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है। आपदा एवं सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।

मंत्रिमंडल ने वन विभाग के विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाते हुए मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊँ, उत्तराखण्ड, नैनीताल एवं मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, उत्तराखण्ड, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इससे वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी तात्कालिक परिस्थितियों में कार्यवाही में तेजी आएगी।

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