Date/15/10/2026
हरिद्वार। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने राज्य सरकार की हरिद्वार कुंभ-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप में आयोजित करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बृहस्पतिवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में कुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। भीड़ प्रबंधन, यातायात एवं पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल और आपदा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ के लिए विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं का लाभ हरिद्वार को वर्षभर मिलना चाहिए। सतपाल महाराज ने कहा कि हरिद्वार कुंभ का सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पिछले आयोजनों के अनुभवों के आधार पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। बसों एवं ट्रेनों के संचालन की ठोस योजना बनाकर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन संबंधी जानकारी समय से उपलब्ध हो सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले दिनों में भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। ट्रेनों के प्रस्थान से ठीक पहले प्लेटफॉर्म बदलने अथवा अन्य व्यवस्थाओं में अचानक बदलाव करने से बचा जाए। आपातकालीन परिस्थितियों में भीड़ की सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर उनकी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कैबिनेट मंत्री ने पर्याप्त पार्किंग स्थलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि पार्किंग स्थलों और अस्थायी बस अड्डों से प्रमुख घाटों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने के लिए शटल बस सेवाओं की व्यवस्था की जाए।
कैबिनेट मंत्री ने कुंभ क्षेत्र की सड़कों तथा मंदिरों एवं घाटों तक जाने वाले मार्गों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन आने वाली सड़कों को भी सुचारू और आवागमन के अनुकूल बनाए रखने को कहा। सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के साथ ही रोप-वे की भी जांच कराने के निर्देश दिए।
सतपाल महाराज ने कुंभ मेले के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने तथा प्रमुख घाटों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण आवागमन मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा अथवा किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। वैकल्पिक निकासी मार्गों सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की पूर्व तैयारी रखी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।