भक्ति और आस्था के रंग में रंगी पहाड़ों की रानी, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना

Date/19/10/2026

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में रामनवमी का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने मां भगवती के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। वहीं, घरों में कन्या पूजन और हरियाली काटने की परंपरा निभाई गई।

रामनवमी के अवसर पर पूरा शहर भक्तिमय नजर आया। विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। घरों में भी लोगों ने मां भगवती की विधिवत पूजा की। इसके बाद हरियाली काटकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया तथा कन्याओं को भोजन कराकर उपहार भेंट किए।

श्री सनातन धर्म मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर और कैमल बैक रोड स्थित दुर्गा मंदिर सहित शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। दिनभर मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और वातावरण भक्तिमय रहा।

पर्व के अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से भंडारों का आयोजन भी किया गया। मैसानिक लॉज स्थित टैक्सी कार एसोसिएशन की ओर से मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भंडारा आयोजित किया गया। वहीं, किंक्रेग स्थित टैक्सी एसोसिएशन की ओर से भी पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई।

कचहरी स्थित हनुमान मंदिर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से पूजा-अर्चना के साथ भंडारा आयोजित किया गया। मालरोड पर भी एक प्रतिष्ठान की ओर से भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसी क्रम में लाइब्रेरी-अकादमी मार्ग स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर के स्थापना दिवस पर वाल्मीकि समाज उत्थान सभा की ओर से हवन-पूजन किया गया। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। रामनवमी के अवसर पर धार्मिक आयोजनों, पूजा-अर्चना और सेवा कार्यों के माध्यम से मसूरी में आस्था, सामाजिक सद्भाव और पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिली।

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