अस्पताल के उद्घाटन का नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय, संघर्ष और सेवा की प्रेरक यात्रा का प्रतीक – मुख्यमंत्री

Date/28/02/2026

हल्द्वानी/देहरादून। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक अस्पताल के उद्घाटन का नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय, संघर्ष और सेवा की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का शुभारंभ समाज के प्रति समर्पित एक ऐसे परिवार की कहानी को दर्शाता है, जिसने अपने जीवन मूल्यों को कर्म के माध्यम से साकार किया है। मुख्यमंत्री ने संस्थान के संस्थापक, जनपद बागेश्वर के गागरी गोल गांव से निकलकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले जगदीश सिंह पिमोली को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक साधारण ग्रामीण परिवेश से प्रारंभ हुई उनकी यात्रा आज स्वास्थ्य सेवा के इस आधुनिक केंद्र तक पहुँची है, जो हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। श्री पिमोली का संघर्ष, परिश्रम और संकल्प आज उनकी सफलता की सच्ची मिसाल है। दूरस्थ गांव से आकर उन्होंने पहले व्यापार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और अब चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश कर मानव सेवा के इस पवित्र कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 250 बेड का यह आधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है। यह संस्थान भविष्य में चिकित्सा उत्कृष्टता के मानचित्र पर उत्तराखंड को और अधिक सशक्त बनाएगा। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हमारी बेटियों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही थी। बेटियों को इस गंभीर रोग से सुरक्षित करने के संकल्प के साथ यह राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सुलभ और प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में आयुष्मान उत्तराखंड योजना के अंतर्गत 61 लाख से अधिक नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। निःशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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