Date/20/04/2026
देहरादून। शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में खाराखेत स्थित ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह स्थल पर आयोजित खाराखेत मेले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वतंत्रता सेनानी वीर खड़क बहादुर बिष्ट की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने शहीद खड़क बहादुर बिष्ट की स्मृति में “शहीद खड़क बहादुर वाटिका” बनाने की घोषणा भी की। रामधुन और देशभक्ति गीतों के बीच सत्याग्रहियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सोमवार को महात्मा गांधी नमक सत्याग्रह आंदोलन स्मारक स्थल, खाराखेत (मझौन झाझरा रेंज) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने खड़क बहादुर सिंह बिष्ट एवं उनके साथियों को पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि खाराखेत का यह ऐतिहासिक स्थल देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। गढ़वाली, जौनसारी और गोरखाली सभी पहाड़ी समुदायों में वीरता और त्याग की परंपरा रही है। शहीद खड़क बहादुर बिष्ट आज भी समाज को प्रेरित कर रहे हैं और जो लोग दूसरों के लिए कुछ करते हैं, वे हमेशा याद रखे जाते हैं।
उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि शहीद खड़क बहादुर बिष्ट की स्मृति में यहां “शहीद खड़क बहादुर वाटिका” का निर्माण किया जाएगा। साथ ही आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज और राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है।
इस दौरान ट्रस्ट की ओर से महिलाओं द्वारा कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें शहीद की स्थापित प्रतिमा को ऊंचा एवं स्थायी रूप देने सहित अन्य मांगें रखी गईं। अति विशिष्ट अतिथि विधायक सहदेव पुंडीर ने कहा कि खाराखेत का नमक सत्याग्रह उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।
ट्रस्ट की अध्यक्षा कमला थापा ने कहा कि खाराखेत का यह पावन स्थल स्वतंत्रता संग्राम की अमिट यादों को संजोए हुए है। उन्होंने स्मारक के सौंदर्यीकरण के लिए कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए वन विभाग के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
इस दौरान गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हैं और युवाओं में जागरूकता बढ़ाते हैं। ट्रस्ट की संरक्षक गोदावरी थापली ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।