Date/14/07/2026
देहरादून। छठे लोक संवर्धन पर्व के चैथे दिन देहरादून का परेड ग्राउंड उत्तराखंड की समृद्ध संगीत परंपराओं के जीवंत उत्सव में तब्दील हो गया। प्रदेश के कुछ सबसे लोकप्रिय लोक कलाकारों की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में दर्शक आयोजन स्थल पर पहुंचे। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम, उत्तराखंड सरकार के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने पारंपरिक हस्तशिल्प, क्षेत्रीय व्यंजनों और मनमोहक संगीत प्रस्तुतियों का आनंद लिया। दिनभर दर्शकों ने देशभर से आए कारीगरों के स्टॉलों पर पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, विरासत शिल्प और विभिन्न क्षेत्रीय उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला को देखा और उनकी खरीदारी की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत उत्तराखंड के लोकप्रिय युवा लोक गायक रोहित चैहान की ऊर्जावान प्रस्तुति के साथ हुई। गढ़वाली और कुमाऊंनी संगीत को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रसिद्ध रोहित चैहान ने ‘नंदरे’, ‘धन सिंह की गाड़ी’ और ‘रुपसा रमौती’ सहित अपने कई लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। उनके गीतों पर दर्शक भी झूमते और गुनगुनाते नजर आए तथा पूरा आयोजन स्थल उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं के रंग में रंग गया। इसके बाद प्रसिद्ध लोक गायिका एवं संगीतकार माया उपाध्याय ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी सुरीली आवाज और लोकप्रिय गीतों ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। उन्होंने ‘क्रीम पौडरा’, ‘चहा को होटल’ और ‘आंख्यों में सुरम’ सहित अपने कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें संगीत प्रेमियों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।
शाम का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक-फ्यूजन बैंड पांडवास की शानदार प्रस्तुति रही। पारंपरिक लोक संगीत और समकालीन संगीत के अनूठे संगम के लिए प्रसिद्ध पांडवास ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रचा। बैंड ने ‘राधा’, ‘धुन्याल’ और ‘गणपति देवा’ सहित अपनी कई लोकप्रिय रचनाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति में उत्तराखंड की लोककथाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान की खूबसूरत झलक देखने को मिली, जिस पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।