उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले उत्पाद अब नहीं बिकेंगे, पूरे उत्तराखंड में सघन जांच अभियान

Date/07/0872026

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में प्रदेश में शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। जनस्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की सरकार की स्पष्ट नीति के तहत खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकली डेयरी कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी यह आदेश उन उत्पादों पर लागू होगा, जो पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पादों के नाम पर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि खाद्य कारोबार में पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित करेगा।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत जारी इस आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध पूरे उत्तराखंड में लागू होगा और राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। यह आदेश एक वर्ष तक अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा इस विषय पर अंतिम मानक अधिसूचित किए जाने तक प्रभावी रहेगा। मुख्यमंत्री धामी की मंशा के अनुरूप खाद्य सुरक्षा विभाग अब पूरे प्रदेश में शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए व्यापक अभियान चलाएगा।

उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले उत्पाद अब नहीं बिकेंगे

बीते कुछ वर्षों में बाजार में ऐसे उत्पादों की भरमार हो गई थी, जो देखने, पैकिंग और नाम से बिल्कुल पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पाद जैसे दिखाई देते थे, लेकिन वास्तव में उनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे उत्पाद उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने वैज्ञानिक परीक्षण, प्रयोगशाला विश्लेषण और जोखिम मूल्यांकन के बाद यह सख्त निर्णय लिया है। अब ऐसे सभी उत्पाद प्रतिबंधित होंगे जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा अथवा अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का उपयोग किया गया है अथवा जिनकी पैकेजिंग, लेबलिंग और विपणन उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है। हालांकि एफएसएसएआई के मानकों के अनुरूप फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

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