Date/04/11/2026
देहरादून। दीपावली के पर्व पर देहरादून में स्वदेशी उत्पादों की चमक और स्थानीय मिलेट्स से बने व्यंजनों का स्वाद त्योहार की खुशियों को और खास बना रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत, हुनर और उद्यमशीलता के दम पर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। कहीं महिलाएं स्वदेशी हिलान्स एलईडी लड़ियां तैयार कर घरों को रोशन कर रही हैं, तो कहीं मिलेट्स से बने आकर्षक गिफ्ट हैंपर के माध्यम से बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं। दीपावली के इस सीजन में दोनों क्लस्टर की महिलाओं ने लाखों रुपये का कारोबार कर महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को धरातल पर उतारते हुए विकासखंड विकासनगर के ग्राम सोरना डोभरी स्थित स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं मिलेट्स आधारित उत्पादों के आकर्षक गिफ्ट हैंपर तैयार कर रही हैं। दीपावली और भैया दूज के लिए तैयार इन हैंपर में हैंडमेड कुकीज, रागी हनी बिस्किट, फ्रूट एंड नट्स चॉकलेट, गुड़ मिल्क बिस्किट, रागी चॉकलेट, मंडुआ केक और मंडुआ चॉकलेट जैसे स्थानीय उत्पाद शामिल हैं। इनकी मांग विकासनगर के साथ ही देहरादून, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल तक बढ़ रही है। ग्राहकों की पसंद और मांग के अनुरूप अलग-अलग आकार एवं कीमतों के आकर्षक गिफ्ट हैंपर तैयार किए जा रहे हैं।
स्वाभिमान बेकरी यूनिट एवं क्लस्टर की सदस्य कल्पना बिष्ट ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व उन्होंने ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) से जुड़कर बेकरी यूनिट स्थापित की थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें विभिन्न सरकारी आयोजनों में स्टॉल लगाने के अवसर भी मिले। इस वर्ष दीपावली पर कई बड़े संस्थानों से गिफ्ट हैंपर के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। अब तक 2,000 से अधिक गिफ्ट हैंपर तैयार कर उनकी बिक्री से 18 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की जा चुकी है। इस यूनिट के माध्यम से गांव की आठ अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
वहीं, विकासखंड रायपुर के सोडा सरोली ग्रोथ सेंटर में दिव्य ज्योति क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत स्वदेशी हिलान्स एलईडी लड़ियों का निर्माण कर रही हैं। क्लस्टर की महिलाओं को कुल 1 लाख 30 हजार एलईडी लड़ियां तैयार करने का ऑर्डर मिला है। सोडा सरोली एवं थानों न्याय पंचायत के ग्रोथ सेंटरों से जुड़ी करीब 350 महिलाएं घरों पर ही इन लड़ियों का निर्माण कर अपनी आजीविका को मजबूती दे रही हैं।