Date/04/11/2026
मसूरी। सेंट जॉर्ज कॉलेज में वार्षिकोत्सव धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत, नृत्य और अभिनय ने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चार्ल्स डिकेंस के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित संगीतमय नाटिका ‘अ क्रिसमस कैरल’ का भव्य मंचन रहा। विद्यार्थियों ने अपने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, करुणा, उदारता और हृदय परिवर्तन का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पूर्व वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव डॉ. शरद सिंह नेगी उपस्थित रहे। समारोह के प्रारंभ में विद्यालय प्रबंधन की ओर से मुख्य अतिथि को पौधा और विद्यालय का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें मार्क गोंजाल्विस, भवनेश नेगी, मेहर वालिया, आनंद थापा, जसकरन सिंह, मनोज कुमार, सुशांत आले, रिचर्ड जोसफ, मीना ठाकुर, विक्रांत शर्मा, सिस्टर कैथरीन और सिस्टर थैरेसिटा शामिल रहे। इसके साथ ही आईसीएसई और आईएससी परीक्षाओं में विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विषयों के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इनमें गीतिका खन्ना, ऋषि बंगवाल, मधु काला, ममता गुप्ता, बीजू अलेक्जेंडर, जूलियाना डिसूजा, अरविंद पंवार और विंसेंट जोसफ शामिल रहे।
सम्मान समारोह के बाद मुख्य अतिथि डॉ. शरद सिंह नेगी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए छोटे या आसान रास्तों का चयन करने के बजाय कठिन परिश्रम को प्राथमिकता देनी चाहिए। निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प ही सफलता की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कठिन परिश्रम के बल पर जीवन में यह मुकाम हासिल किया है। विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए पूरी निष्ठा और लगन के साथ प्रयास करना चाहिए।
वार्षिकोत्सव में विद्यार्थियों ने चार्ल्स डिकेंस के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित संगीतमय नाटिका ‘अ क्रिसमस कैरल’ का शानदार मंचन किया। नाटिका में मनुष्य के हृदय परिवर्तन, करुणा, उदारता और क्रिसमस की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक में एबेनेजर स्क्रूज के किरदार में शुभाशीष गुप्ता ने एक कंजूस, कठोर और अकेले वृद्ध व्यक्ति की भूमिका को जीवंत किया। गरीब क्लर्क बॉब क्रैचिट की भूमिका शियोन सैमसन, टिनी टिम की भूमिका सम्राट जायसवाल और जैकब मार्ले की भूमिका औद्विक लोधा ने निभाई।
नाटक में तीन आत्माओं के किरदार भी विद्यार्थियों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। अतीत की आत्मा की भूमिका अक्षरम टंडन, वर्तमान की आत्मा की भूमिका वीर सैनी और भविष्य की आत्मा की भूमिका युवराज यादव ने निभाई।विद्यार्थियों के गायन, नृत्य और अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाटिका के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मनुष्य के जीवन में संवेदनशीलता, दूसरों के प्रति दया और उदारता का विशेष महत्व है।