Date/21/09/2026
मसूरी। झड़ीपानी स्थित रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए एक बार फिर रेलवे के अधिकारी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे व रेलवे की जमीन पर अवैध भवन बनाने वालों को भूमि खाली करने के नोटिस दिए, व जो लोग घरों पर नहीं पाये गये उनके मकान पर नोटिस चस्पा किए गये।
झड़ीपानी स्थित रेलवे की भूमि पर रह रहे करीब 31 लोगों को नोटिस दिए गये इस संबंध में रेलवे के सेक्सन इंजीनियर आशु शर्मा भारी पुलिस बल लेकर झडीपानी पहुंचे जिसे देख वहां निवास करने वालों में भय व्याप्त हो गया। इस दौरान रेलवे की ओर से रेलवे की भूमि पर निवास करने वालों को भूमि खाली करने के नोटिस दिए गये। नोटिस में लिखा गया है कि कब्जाधारी 15 दिनों में स्वयं भूमि खाली कर दें अन्यथा रेलवे प्रशासन बल पूर्वक बेदखल करने को बाध्य होगा व सारा खर्च कब्जाधारियों से वसूला जायेगा। रेलवे के सीनियर सेक्सन इंजीनियर आशु शर्मा ने बताया कि रेलवे ने कब्जाधारियों को नोटिस दिया था कि वे अपना पक्ष प्रस्तुत करें, लेकिन किसी ने भी रेलवे सपदा अधिकारी प्रथम कें न्यायालय में अपने भूमि के कागज दाखिल खारिज आदि कोई भी कागज प्रस्तुत नहीं किए गये जिस पर संपदा न्यायालय ने उनके दावों को खारिज कर दिया व जमीन खाली करने को न्यायालय ने आदेश दिया उन्होंने कहा कि मसूरी न्यायालय में जो मामला दर्ज किया गया है वह केवल पीपी एक्ट के लिए जो नोटिस दिए गये थे उसे रोकने के लिए मामला दर्ज किया गया था जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। संपत्ति न्यायालय ने 31लोगों को नोटिस दिया है जिसमें 25 ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा लेकिन उसमें कोई सार्थक प्रमाण नहीं दिए, न ही दाखिल खारिज दिया, न हीं अन्य कोई प्रमाण दिया। इनको 15 दिन में जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया है इसके बाद जो भी न्यायालय निर्देशित करेगा उसी के अनुसार कार्रवाई की जायेगी। वहीं दूसरी ओर रेलवे की भूमि पर निवास करने वाली आशा देवी ने कहा कि यहंा रेलवे वाले पुलिस लेकर डराने आये है हमारे पास कागज है, पालिका में पूरे कागज है व बिजली पानी सभी हमारे नाम है, पैसा देकर जमीन खरीदी है, जबकि रेलवे के पास कोई कागज नहीं है। हमें बीस अगर रेलवे को परेशानी है तो जो यहां रह रहे है उन्हें कहीं बसा दिया जाय। महिला रानी ने कहा कि वह बीस सालों से यहां रह रहे है, जिनसे हमने जमीन खरीदी है तो उन्हें नोटिस दो, अगर यह भूमि रेलवे की है तो वह प्रमाण दें तो हम खुद खाली कर देंगे वहीं कोर्ट में केस चल रहा है। नोटिस देकर परेशान कर रहे है कई लोग बीमार हैं।